शिवरीनारायण

राजपत्रिका : शिवरीनारायण नगर पंचायत के 15 पार्षदों ने पेश की मिसाल, अपने खर्चे पर लगाए 50 LED स्ट्रीट लाइट, भ्रष्टाचार के बीच उम्मीद की रोशनी

शिवरीनारायण : धार्मिक नगरी शिवरीनारायण में नगर पंचायत के 15 पार्षदों की अनोखी पहल ने नगरवासियों के दिल जीत लिए हैं। पार्षदों ने एकजुट होकर अपने व्यक्तिगत खर्च से 50 नग 36 वॉट की LED स्ट्रीट लाइट खरीद कर नगर पंचायत को समर्पित की, जिससे अब नगर की गलियों में अंधेरा नहीं बल्कि उजास फैलेगा। पार्षदों का यह कदम ऐसे वक्त में आया है जब नगर पंचायत प्रशासन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। इस पहल से जनता में विश्वास जगा है कि ईमानदार प्रतिनिधि आज भी हैं जो जनता की भलाई के लिए आगे आते हैं।

पार्षदों की सामूहिक पहल बनी मिसाल

नगर पंचायत के 15 पार्षदों ने राजनीति से ऊपर उठकर सामूहिक सहयोग से 50 नग स्ट्रीट लाइट नगर पंचायत को सौंपी। इन लाइटों में 2 साल की पीस-टू-पीस वारंटी भी है। विशेष बात यह रही कि इस नेक काम में किसी ने यह नहीं देखा कि कौन किस पार्टी से है—भाजपा, कांग्रेस या निर्दलीय—सभी ने मिलकर मानवता और सेवा को प्राथमिकता दी। इस कार्य से न सिर्फ नगर में रोशनी आई है बल्कि एकजुटता और सद्भाव की मिसाल भी कायम हुई है।

सीएमओ पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप

नगर पंचायत अध्यक्ष राहुल थवाईत ने नगर के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि बिना कार्यालय टेबल खरीदे ही सप्लायर को 3 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। इसके अलावा बिना बोरिंग कराए ही मार्सिबल पंप और स्टार पाइप के लिए 1,43,949 रुपये भुगतान किए गए। 32 हजार रुपये के वॉटर कूलर को 1-1 लाख रुपये में खरीदा गया, और 4 हजार रुपये के हॉस्पिटल चेयर को 18-18 हजार में लिया गया। ये सब दर्शाते हैं कि नगर पंचायत का पैसा बेजा तरीके से खर्च किया गया।

परिषद की स्वीकृति के बिना कार्यों में फेरबदल

नगर पंचायत अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि 950 मीटर की स्वीकृत नाली को बिना परिषद की मंजूरी लिए 598 मीटर में रिवाइज कर दिया गया। इसके अलावा जेसीबी रिपेयरिंग के नाम पर भ्रष्टाचार और सफाई सामग्री की खरीदी में अनियमितताएं सामने आईं। CCTV कैमरे के नाम पर भी 3 लाख रुपये का भुगतान किया गया। इन सभी मामलों ने नगर पंचायत की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जनता में हर्ष, भरोसा जगा पार्षदों पर

नगर के नागरिकों में पार्षदों की इस ईमानदार पहल से खुशी की लहर दौड़ गई है। लोगों का कहना है कि शिवरीनारायण के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ जब पार्षदों ने अपने पैसों से नगर के लिए इतना बड़ा काम किया। जनता ने इस पहल को मानवता और सेवा का प्रतीक बताया है। पार्षदों का यह कार्य ना सिर्फ भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मौन विरोध है, बल्कि नगर के विकास में जनता की भागीदारी का भी प्रमाण है।

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