जांजगीर चांपा

राजपत्रिका : जब उम्मीद थमी, सरकार बनी सहारा: शालू डहरिया को मिला मुख्यमंत्री का साथ

जांजगीर चांपा  :  छत्तीसगढ़ की सॉफ्टबॉल खिलाड़ी शालू डहरिया की ज़िंदगी उस वक्त बदल गई जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वयं उन्हें वीडियो कॉल कर न केवल शुभकामनाएं दीं, बल्कि आर्थिक मदद का भरोसा भी दिया। शालू का चयन 14 से 20 जुलाई को चीन के सिआन में होने वाली एशिया यूथ सॉफ्टबॉल चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में हुआ है। लेकिन प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए ₹1.70 लाख की ज़रूरत थी, जो उनके लिए बड़ी चुनौती थी।

साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली शालू के पिता प्राइवेट सुरक्षा गार्ड हैं और मां ब्यूटी पार्लर चलाती हैं। इस कठिन परिस्थिति में मुख्यमंत्री साय की सीधी मदद ने शालू को संबल दिया। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉल में कहा – “बेटी, तुम आगे बढ़ो, सरकार तुम्हारे साथ है।” उनके निर्देश पर जिला प्रशासन जांजगीर चांपा ने फौरन ₹1.70 लाख की सहायता राशि प्रदान की।

शालू अब प्रदेश और देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार है। उन्होंने अपनी मेहनत से यह मुकाम पाया और अब सरकार की मदद से उनका सपना पूरा होने जा रहा है। उनकी मां ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि ये सहयोग हमारे परिवार के लिए वरदान है।

12 बार खेल चुकी राष्ट्रीय स्तर पर, अब अंतरराष्ट्रीय मंच की बारी

शालू डहरिया ने आठवीं कक्षा से सॉफ्टबॉल खेलना शुरू किया और अब तक 12 बार राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। उन्होंने एक गोल्ड मेडल भी हासिल किया है। उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें भारतीय टीम तक पहुँचाया है। अब एशिया यूथ चैंपियनशिप में उनकी तैयारी ज़ोरों पर है। यह टूर्नामेंट उनके करियर के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है।

वीडियो कॉल में मुख्यमंत्री ने बढ़ाया हौसला, दिया भरोसा

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वीडियो कॉल कर शालू से कहा — “बेटी, छत्तीसगढ़ को तुम पर गर्व है। अच्छा खेलो, मेरी शुभकामनाएं तुम्हारे साथ हैं।” इस संवाद ने शालू के आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ा दिया। उन्होंने ये भी कहा कि बेटियों को राज्य सरकार सिर्फ प्रेरित नहीं करती, ज़रूरत पड़े तो कंधे से कंधा मिलाकर साथ भी देती है।

जिला प्रशासन ने निभाई जिम्मेदारी, तुरंत दी मदद

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जांजगीर-चांपा कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने शालू को ₹1.70 लाख की आर्थिक सहायता दी। उन्होंने शालू को प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं भी दीं। प्रशासन की इस तत्परता से यह साफ हो गया कि शासन सिर्फ घोषणाएं नहीं करता, ज़मीनी स्तर पर कार्रवाई भी करता है।

मां ने जताया आभार, कहा– बेटी को मिला सपनों का पंख

शालू की मां अल्का डहरिया ने कहा कि वे मुख्यमंत्री की इस मदद के लिए तहेदिल से आभार व्यक्त करती हैं। उन्होंने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी बेटी को आगे बढ़ाया और आज मुख्यमंत्री की मदद से वह अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच सकी है। यह पूरे परिवार के लिए गर्व और संतोष का क्षण है।

बेटियों के सपनों को उड़ान देने में तत्पर है साय सरकार

मुख्यमंत्री साय की यह पहल बताती है कि छत्तीसगढ़ सरकार बेटियों के लिए सिर्फ योजनाएं नहीं बनाती, बल्कि जरूरत के समय साथ खड़ी भी रहती है। शालू की कहानी प्रेरणा है उन तमाम बेटियों के लिए जो आर्थिक अभाव के बावजूद अपने सपनों को सहेजे हुए हैं। सरकार का यह संवेदनशील कदम भविष्य में अन्य खिलाड़ियों के लिए उम्मीद का संदेश बनेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button