राजपत्रिका : प्रैक्टिकल में नंबर दिलाने के नाम पर पैसे मांगने, छात्रों से काम कराने और देवी-देवताओं पर टिप्पणी के आरोपों के बाद डोंगाकोहरौद स्कूल के प्रभारी प्राचार्य कुंज किशोर निलंबित

जांजगीर चांपा : जिले के महात्मा ज्योतिबा राव फुले उत्कृष्ट विद्यालय डोंगाकोहरौद में पदस्थ व्याख्याता (एलबी) एवं तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य कुंज किशोर को गंभीर आरोपों के चलते निलंबित कर दिया गया है। छात्रों से प्रायोगिक परीक्षा में अधिक अंक दिलाने के नाम पर पैसे मांगने, फीस अधिक लेने और धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप सामने आने के बाद लोक शिक्षण संचालनालय ने यह कार्रवाई की है। जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966 के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय जांजगीर-चांपा निर्धारित किया गया है और नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
छात्रों से पैसे मांगने और फेल करने की धमकी की शिकायत
विद्यालय के छात्र-छात्राओं और अभिभावकों की ओर से शिकायत की गई थी कि प्रभारी प्राचार्य कुंज किशोर प्रायोगिक परीक्षा में अधिक अंक दिलाने के नाम पर पैसों की मांग कर रहे थे। आरोप है कि जो छात्र पैसे नहीं देते थे उन्हें प्रैक्टिकल परीक्षा में फेल करने की धमकी दी जाती थी। इस मामले की जानकारी सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी देखी गई और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की गई।
रंगाई-पुताई का काम कराने और बोनस नंबर देने का आरोप
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि छात्रों को प्रैक्टिकल परीक्षा में 10 नंबर बोनस देने का लालच देकर स्कूल में रंगाई-पुताई जैसे काम करवाए गए। छात्रों से बोर्ड परीक्षा की निर्धारित फीस से अधिक राशि लेने की भी शिकायत मिली। बताया गया कि जब छात्रों ने रसीद मांगी तो उन्हें प्रैक्टिकल परीक्षा में परिणाम खराब करने की धमकी दी गई थी। इन आरोपों को गंभीर मानते हुए प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कराई।
देवी-देवताओं पर टिप्पणी का वीडियो वायरल, धार्मिक भावनाएं आहत
मामले के दौरान एक वीडियो भी सामने आया जिसमें प्रभारी प्राचार्य द्वारा छात्रों के सामने हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा। यह वीडियो वायरल होने के बाद छात्रों और अभिभावकों में आक्रोश फैल गया। लोगों ने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताया और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
जांच के बाद कलेक्टर के निर्देश पर हुई कार्रवाई
मामले की शिकायत मिलने के बाद कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने प्राचार्य को पद से पृथक करते हुए जांच के निर्देश दिए थे। जांच प्रतिवेदन में आरोपों की पुष्टि होने के बाद कुंज किशोर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने निलंबन का प्रस्ताव लोक शिक्षण संचालनालय को भेजा। प्रस्ताव के आधार पर लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी ने 09 मार्च 2026 को आदेश जारी कर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।





