राजपत्रिका: जेल की काला पानी की सजा भोगने को मजबुर 200 गाय ,न खाने को चारा न पीने को पानी
तालदेवरी गांव से दो किलोमीटर दूर हसदेव नदी के एनीकेट के तट पर बेजुबानो को रखा गया है कैदकर
बम्हनीडीह : विकासखण्ड बम्हनीडीह के ग्राम पंचायत तालदेवरी से बेजुबानों को लेकर एक खौफनाक मामला सामने आया है जहां लोग अपनी फसल बचाने के चक्कर में करीब 200 गायों को हसदेव नदी के किनारे एनीकेट के पास जाली तार लगाकर उन्हें कैद कर रखा दिया है मिली जानकारी के अनुसार गौ सेवा से जुड़े कुछ युवकों ने बताया की तालदेवरी नहीं किनारे गायों की इस कदर कैद कर रखा गया है मानो गायों ने बहुत बड़ा अपराध कर दियो हो गायों को एक छोटी सी जगह में कांटा तार की जाली बना कर करीब 200 गायो को काला पानी की सजा देने के जैसे कैद कर रखा गया है यहां न तो बेजुबानों के खाने की कुछ व्यवस्था है न पीने के लिए पानी की व्यवस्था की गई है युवको ने बताया की यहां रखे गायों की स्थिति बहुत ही ज्यादा खराब है और बहुत से गाय घायल अवस्था में यहां पड़े हुए हैं।
युवकों ने दिखाई मानवता लगभग 30 घायल गायों की किया उपचार
बम्हनीडीह गौ रक्षक विश्वास सराफ व उनके टिम के युवकों ने तालदेवरी मैं कैद गायों में घायल अवस्था में पड़े करीब 30 गायो का मौके पर उपचार किया विश्वास सराफ ने बताया की यहां गायों की स्थिति काफी दैयनी थी जिनका इलाज किया गया है जिससे उनकी जान बच सकती है गौ रक्षक ने यह भी बताया की यहां और भी कई गायों की मौत हो चुकी है। गौ रक्षको ने यह भी बताया की गायों के खाने पीने की कोई व्यवस्था नहीं है करीब 200 गायों को यहां जाली तार से घेर कर रखा गया है और गायों के पैर व गले में रस्सी भी बांधी गई है जिससे वहां रस्सी बंधी होने के कारण वहां गायों को चोट लग गई है और वह घायल हो चुके हैं ।
मृत गायों को हसदेव नदी में फेंकने का भी आरोप
कुछ ग्रामीणों ने बताया की जिस जगह पर गायों को गांव के जनप्रतिनिधि और ग्रामीण रखें है वहां से बहुत सारे गायों की भुख से तड़पने से मौत हो चुकी है जिन्हें गांव के ही कुछ लोग मृत गायों को हसदेव नदी में फेंक चुके हैं यह गायों को रखने के लिए कोई पहली बार व्यवस्था नहीं की गई है यहां हर साल इसी तरह की तर्किख आजमाई जाती है और गांव के जनप्रतिनिधि और किसान अपनी फसल बचाते हैं ।
इन युवाओं ने दिखाई मानवता घायल गायों का भी किया उपचार
गौ रक्षक विश्वास सराफ, युवराज सिंह चंदेल, चितरंजन ठाकुर, रोहन प्रजापति,रुद्र प्रताप सिंह चंदेल, आर्यन जायसवाल, राहुल आदित्य,लक्की चौहान,त्रिशांत साहू ,नितिन मांझी,शनि केवट ,सौरभ यादव, विकास तिवारी,अनूप पटेल, नसीब केवट, मिथुनपटेल ने घायल गायों का उपचार कर उनको नया जीवन दिया है।

